पवित्रशास्त्र में पाए जाने वाले विषय और प्रसंग
सम्पूर्ण बाइबल परमेश्वर का जीवित वचन है, जो इसलिए दिया गया कि हम उसे जानें और उसकी प्रतिज्ञाओं को अनमोल समझें। पवित्रशास्त्र को अपने हृदय में बसाना उसे वहाँ छिपा लेना है जहाँ वह जड़ पकड़ सके — जो परीक्षाओं में आपको स्थिर रखता है और जीवन भर फल लाता है। ये विषय बाइबल की शिक्षा को प्रसंग दर प्रसंग एकत्र करते हैं, ताकि आप जिस भी परिस्थिति से गुज़र रहे हों, उससे मेल खाते वचन पा सकें। किसी भी विषय पर स्पर्श करके उसके मुख्य वचन पढ़ें, और उन्हें कण्ठस्थ करना आरम्भ करें।
परमेश्वर कौन है
यीशु मसीह
पवित्र आत्मा
सुसमाचार और उद्धार
पहचान और भीतरी जीवन
विश्वास और वृद्धि
विश्वास और भरोसा
विश्वास9परमेश्वर पर भरोसा9परमेश्वर पर निर्भरता15परमेश्वर पर दृढ़ विश्वास9विश्वास से चलना8बालक के समान विश्वास6कर्म रहित विश्वास मरा हुआ है6विश्वास की ढाल8विश्वास पहाड़ों को हटा देता है13बिना देखे विश्वास करना6विश्वास सुनने से उत्पन्न होता है8धर्मी विश्वास से जीवित रहेगा7हे प्रभु, हमारा विश्वास बढ़ा9
प्रार्थना और वचन
प्रार्थना
प्रार्थना14मध्यस्थता की प्रार्थना7प्रार्थना में लगे रहना10पवित्रशास्त्र से प्रार्थना करना15परमेश्वर की दोहाई देना8विलाप5प्रार्थना में हियाव11माँगो, ढूँढ़ो, खटखटाओ9निरन्तर प्रार्थना करो13विश्वास की प्रार्थना9आत्मा में प्रार्थना करना15प्रभावशाली प्रार्थना10जब तुम प्रार्थना करो8प्रार्थना में एक मन होना6