निन्दा के बारे में बाइबल पद

निन्दा के बारे में 11 बाइबल पद — पढ़ने, मनन करने और स्मृति में बसाने के लिए।

01 इफिसियों 4:31

सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैर-भाव समेत तुम से दूर की जाए।

02 भजन संहिता 101:5

जो छिपकर अपने पड़ोसी की चुगली खाए, उसका मैं सत्यानाश करूँगा; जिसकी आँखें चढ़ी हों और जिसका मन घमण्डी है, उसकी मैं न सहूँगा।

03 तीतुस 3:2

किसी को बदनाम न करें; झगड़ालू न हों; पर कोमल स्वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें।

04 याकूब 4:11

हे भाइयों, एक दूसरे की निन्दा न करो, जो अपने भाई की निन्दा करता है, या भाई पर दोष लगाता है, वह व्यवस्था की निन्दा करता है, और व्यवस्था पर दोष लगाता है, तो तू व्यवस्था पर चलनेवाला नहीं, पर उस पर न्यायाधीश ठहरा।

05 नीतिवचन 10:18

जो बैर को छिपा रखता है, वह झूठ बोलता है, और जो झूठी निन्दा फैलाता है, वह मूर्ख है।

06 भजन संहिता 15:1-3

हे यहोवा तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा? वह जो सिधाई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है; जो अपनी जीभ से अपमान नहीं करता, और न अन्य लोगों की बुराई करता, और न अपने पड़ोसी का अपमान सुनता है;

07 1 पतरस 2:1

इसलिए सब प्रकार का बैर-भाव, छल, कपट, डाह और बदनामी को दूर करके,

08 कुलुस्सियों 3:8

पर अब तुम भी इन सब को अर्थात् क्रोध, रोष, बैर-भाव, निन्दा, और मुँह से गालियाँ बकना ये सब बातें छोड़ दो। (इफि. 4:23,24)

09 नीतिवचन 16:28

टेढ़ा मनुष्य बहुत झगड़े को उठाता है, और कानाफूसी करनेवाला परम मित्रों में भी फूट करा देता है।

10 निर्गमन 23:1

“झूठी बात न फैलाना। अन्यायी साक्षी होकर दुष्ट का साथ न देना।

11 मत्ती 15:19

क्योंकि बुरे विचार, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलती है।

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