स्तुति के बारे में बाइबल पद

स्तुति के बारे में 8 बाइबल पद — पढ़ने, मनन करने और स्मृति में बसाने के लिए।

01 भजन संहिता 150:6

जितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें! यहोवा की स्तुति करो!

02 भजन संहिता 34:1

मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूँगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी।

03 भजन संहिता 145:3

यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है, और उसकी बड़ाई अगम है।

04 भजन संहिता 9:1

हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूँगा; मैं तेरे सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करूँगा।

05 इब्रानियों 13:15

इसलिए हम उसके द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें। (भज. 50:14, भज. 50:23, होशे 14:2)

06 भजन संहिता 147:1

यहोवा की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करना उचित है।

07 भजन संहिता 103:1

हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!

08 भजन संहिता 71:8

मेरे मुँह से तेरे गुणानुवाद, और दिन भर तेरी शोभा का वर्णन बहुत हुआ करे।

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