धर्मी ठहराया जाना, गोद लिया जाना और धार्मिकता के बारे में बाइबल पद

मसीह में, दोषी धर्मी ठहराए जाते हैं और पराए परमेश्वर की अपनी सन्तान के रूप में अपनाए जाते हैं। सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं। ये वचन एक सही ठहराव और एक पारिवारिक अपनेपन में विश्राम करते हैं जिसे केवल अनुग्रह सुनिश्चित करता है।

विश्वास से धर्मी ठहरना — रोमियों 5:1

क्योंकि हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें,

धर्मी बनाया गया — 2 कुरिन्थियों 5:21

जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उसमें होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएँ।

गोद लिया जाना — गलातियों 4:5

ताकि व्यवस्था के अधीनों को मोल लेकर छुड़ा ले, और हमको लेपालक होने का पद मिले।

परमेश्वर की सन्तान — यूहन्ना 1:12

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं

मसीह के संगी वारिस — रोमियों 8:17

और यदि सन्तान हैं, तो वारिस भी, वरन् परमेश्वर के वारिस और मसीह के संगी वारिस हैं, जब हम उसके साथ दुःख उठाए तो उसके साथ महिमा भी पाएँ।

केवल विश्वास से — रोमियों 3:28

इसलिए हम इस परिणाम पर पहुँचते हैं, कि मनुष्य व्यवस्था के कामों के बिना विश्वास के द्वारा धर्मी ठहरता है।

कोई दण्ड नहीं — रोमियों 8:1

इसलिए अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं ।

धर्मी गिना जाना — रोमियों 4:5

परन्तु जो काम नहीं करता वरन् भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है।

परमेश्वर की धार्मिकता — फिलिप्पियों 3:9

और उसमें पाया जाऊँ; न कि अपनी उस धार्मिकता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन् उस धार्मिकता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है,

हे अब्बा, हे पिता — रोमियों 8:15

क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिससे हम हे अब्बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं।

निर्दोष घोषित किया जाना — रोमियों 8:33

परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उनको धर्मी ठहरानेवाला है।

धार्मिकता का वरदान — रोमियों 5:17

क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कारण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।