परमेश्वर पर भरोसा के बारे में बाइबल पद

अपनी समझ का सहारा न लेना; वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना (नीतिवचन 3:5-6)। ये पद ऐसे भरोसे का आह्वान करते हैं जो निर्णयों में दिखता है—अपने सारे मार्गों में परमेश्वर को स्वीकार करना और उसे अपने रास्ते सीधे करने देना।

01 नीतिवचन 3:5-6

तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन् सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना । उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।

02 भजन संहिता 37:5

अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख, वही पूरा करेगा।

03 यशायाह 26:3

जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। (फिलि. 4:7)

04 भजन संहिता 9:10

और तेरे नाम के जाननेवाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तूने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।

05 नहूम 1:7

यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधि रखता है।

06 भजन संहिता 56:3

जिस समय मुझे डर लगेगा, मैं तुझ पर भरोसा रखूँगा।

07 यिर्मयाह 17:7-8

“धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के किनारे पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब धूप होगी तब उसको न लगेगी, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।”

08 भजन संहिता 20:7

किसी को रथों पर, और किसी को घोड़ों पर भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे। (भज. 33:16,17)

09 भजन संहिता 118:8

यहोवा की शरण लेना, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।

संबंधित विषय

मार्गदर्शिकाओं से