परमेश्वर कौन है के बारे में बाइबल पद

पवित्रशास्त्र का सबसे गहरा निमन्त्रण है स्वयं परमेश्वर को जानना — केवल उसके विषय में जानना नहीं, परन्तु उसके चरित्र, उसके नामों और उसके मार्गों को निहारना। उत्पत्ति से लेकर प्रकाशितवाक्य तक वह एक ऐसे परमेश्वर को प्रकट करता है जो पवित्र और समीप है, सर्वसामर्थी और कोमल है, कल, आज और युगानुयुग एक-सा है। ये वचन परमेश्वर के बाइबल-चित्र को एकत्र करते हैं, ताकि आप उसे जैसा वह है वैसा ही प्रेम करें।

पिता परमेश्वर

परमेश्वर का प्रेम — 1 यूहन्ना 4:10

प्रेम इसमें नहीं कि हमने परमेश्वर से प्रेम किया पर इसमें है, कि उसने हम से प्रेम किया और हमारे पापों के प्रायश्चित के लिये अपने पुत्र को भेजा।

परमेश्वर की विश्वासयोग्यता — विलापगीत 3:22-23

हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।

दया — इफिसियों 2:4-5

परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण जिससे उसने हम से प्रेम किया, जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है,

अनुग्रह — इफिसियों 2:8-9

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन् परमेश्वर का दान है; और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्ड करे।

परमेश्वर की भलाई — भजन संहिता 34:8

चखकर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो उसकी शरण लेता है। (1 पत. 2:3)

करुणा — भजन संहिता 103:13

जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।

पिता का हृदय — लूका 15:20

“तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।

परमेश्वर का धीरज — 2 पतरस 3:9

प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन् यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। (हब. 2:3-4)

परमेश्वर की कृपा — रोमियों 2:4

क्या तू उसकी भलाई, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और क्या यह नहीं समझता कि परमेश्वर की भलाई तुझे मन फिराव को सिखाती है?

परमेश्वर की देखभाल — मत्ती 6:26

आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तो भी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उनको खिलाता है। क्या तुम उनसे अधिक मूल्य नहीं रखते?

परमेश्वर हमारा भरण-पोषण करनेवाला — फिलिप्पियों 4:19

और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।

परमेश्वर की निकटता — भजन संहिता 145:18

जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात् जितने उसको सच्चाई से पुकारते है; उन सभी के वह निकट रहता है ।

क्रोध में धीमा — भजन संहिता 103:8

यहोवा दयालु और अनुग्रहकारी, विलम्ब से कोप करनेवाला और अति करुणामय है (भज. 86:15, भज. 145:8)

उसका सदा का प्रेम — यिर्मयाह 31:3

“यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैंने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है।

परमेश्वर के नाम और गुण

यहोवा-यिरे (यहोवा जुटाएगा) — उत्पत्ति 22:14

अब्राहम ने उस स्थान का नाम यहोवा यिरे रखा, इसके अनुसार आज तक भी कहा जाता है, “यहोवा के पहाड़ पर प्रदान किया जाएगा।”

मैं हूँ — निर्गमन 3:14

परमेश्वर ने मूसा से कहा, “मैं जो हूँ सो हूँ।” फिर उसने कहा, “तू इस्राएलियों से यह कहना, ‘जिसका नाम मैं हूँ है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।’” (प्रका. 1:4,8, प्रका. 4:8, प्रका. 11:17)

परमेश्वर प्रेम है — 1 यूहन्ना 4:8

जो प्रेम नहीं रखता वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।

परमेश्वर ज्योति है — 1 यूहन्ना 1:5

जो समाचार हमने उससे सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति है और उसमें कुछ भी अंधकार नहीं ।

चट्टान — भजन संहिता 18:2

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; मेरा परमेश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूँ, वह मेरी ढाल और मेरी उद्धार का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। (इब्रा. 2:13)

न बदलनेवाला परमेश्वर — इब्रानियों 13:8

यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक-सा है। (भज. 90: 2, प्रका. 1:8, यशा. 41:4)

सर्वशक्तिमान — प्रकाशितवाक्य 1:8

प्रभु परमेश्वर, जो है, और जो था, और जो आनेवाला है; जो सर्वशक्तिमान है: यह कहता है, “मैं ही अल्फा और ओमेगा हूँ।” (प्रका. 22:13, यशा. 41:4, यशा. 44:6)

सनातन परमेश्वर — व्यवस्थाविवरण 33:27

अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएँ हैं। वह शत्रुओं को तेरे सामने से निकाल देता, और कहता है, उनको सत्यानाश कर दे।

यहोवा हमारा चरवाहा — भजन संहिता 23:1

यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। (यशा. 40:11)

यहोवा हमारी शान्ति — न्यायियों 6:24

तब गिदोन ने वहाँ यहोवा की एक वेदी बनाकर उसका नाम, ‘ यहोवा शालोम रखा।’ वह आज के दिन तक अबीएजेरियों के ओप्रा में बनी है।

यहोवा हमारा चंगा करनेवाला — निर्गमन 15:26

“यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा का वचन तन मन से सुने, और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करे, और उसकी आज्ञाओं पर कान लगाए और उसकी सब विधियों को माने, तो जितने रोग मैंने मिस्रियों पर भेजे हैं उनमें से एक भी तुझ पर न भेजूँगा; क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करनेवाला यहोवा हूँ।”

देखनेवाला परमेश्वर — उत्पत्ति 16:13

तब उसने यहोवा का नाम जिसने उससे बातें की थीं, अत्ताएलरोई रखकर कहा, “क्या मैं यहाँ भी उसको जाते हुए देखने पाई और देखने के बाद भी जीवित रही?”

सनातन राजा — 1 तीमुथियुस 1:17

अब सनातन राजा अर्थात् अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

परमेश्वर की प्रभुता और प्रबंधन

परमेश्वर का शासन — भजन संहिता 103:19

यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।

उसकी योजनाएँ — यिर्मयाह 29:11

क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएँ मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानि की नहीं, वरन् कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूँगा।

कुछ भी असंभव नहीं — लूका 1:37

परमेश्वर के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है।” (मत्ती 19:26, यिर्म. 32:27)

सब कुछ भलाई के लिए — रोमियों 8:28

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती हैं; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उसकी इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।

परमेश्वर का समय — सभोपदेशक 3:1

हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।

उसके नियंत्रण पर भरोसा — नीतिवचन 16:9

मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।

परमेश्वर राज्य करता है — भजन संहिता 93:1

यहोवा राजा है; उसने माहात्म्य का पहरावा पहना है; यहोवा पहरावा पहने हुए, और सामर्थ्य का फेटा बाँधे है। इस कारण जगत स्थिर है, वह नहीं टलने का।

कुम्हार और मिट्टी — यशायाह 64:8

तो भी, हे यहोवा, तू हमारा पिता है; देख, हम तो मिट्टी है, और तू हमारा कुम्हार है; हम सब के सब तेरे हाथ के काम हैं । (भज. 100:3, गला. 3:26)

उसके उद्देश्य स्थिर रहते हैं — यशायाह 46:10

मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूँ जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूँ, ‘ मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूँगा।’

परमेश्वर सब कुछ करता है — इफिसियों 1:11

मसीह में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहले से ठहराए जाकर विरासत बने।

यहोवा हमारे पग स्थिर करता है — नीतिवचन 20:24

मनुष्य का मार्ग यहोवा की ओर से ठहराया जाता है; मनुष्य अपना मार्ग कैसे समझ सकेगा?

हमारे समय उसके हाथ में — भजन संहिता 31:15

मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सतानेवालों के हाथ से छुड़ा।

परमेश्वर की पवित्रता और महिमा

परमेश्वर की पवित्रता — यशायाह 6:3

और वे एक दूसरे से पुकार पुकारकर कह रहे थे: “सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है।” (प्रका. 4:8, प्रका. 15:8)

उसका प्रताप — भजन संहिता 8:1

हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तूने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।

यहोवा का भय — नीतिवचन 9:10

यहोवा का भय मानना बुद्धि का आरम्भ है, और परमपवित्र परमेश्वर को जानना ही समझ है।

उसकी महिमा — भजन संहिता 19:1

आकाश परमेश्वर की महिमा वर्णन करता है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट करता है।

प्रभु योग्य है — प्रकाशितवाक्य 4:11

“हे हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ्य के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएँ सृजीं और तेरी ही इच्छा से, वे अस्तित्व में थीं और सृजी गईं।”

परमेश्वर का सिंहासन — यशायाह 6:1

जिस वर्ष उज्जियाह राजा मरा, मैंने प्रभु को बहुत ही ऊँचे सिंहासन पर विराजमान देखा; और उसके वस्त्र के घेर से मन्दिर भर गया। (प्रका. 4:2,6, मत्ती 25:3, प्रका. 7:10)

पवित्र, पवित्र, पवित्र — प्रकाशितवाक्य 4:8

और चारों प्राणियों के छः छः पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आँखें ही आँखें हैं; और वे रात-दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, (यशा. 6:2,3) “पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आनेवाला है।”

परमेश्वर का तेज — 1 इतिहास 29:11

हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभी के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है। (प्रका. 5:12,13)

परमेश्वर के सम्मुख श्रद्धा — भजन संहिता 33:8

सारी पृथ्वी के लोग यहोवा से डरें, जगत के सब निवासी उसका भय मानें!

भस्म करनेवाली आग — इब्रानियों 12:29

क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करनेवाली आग है। (व्यव. 4:24, व्यव. 9:3, यशा. 33:14)

उसके नाम की महिमा — भजन संहिता 29:2

यहोवा के नाम की महिमा करो; पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो।

पवित्रता की शोभा — भजन संहिता 96:9

पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो; हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके सामने काँपते रहो!