शोक के बारे में बाइबल पद

“यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है” (भजन 34:18)। पवित्रशास्त्र न शोक में जल्दबाज़ी करता, न उसे बहलाता है; यह उसमें उपस्थिति और उसके द्वारा शान्ति का वादा करता है। ये पद हानि में तुम्हारे साथ बैठते हैं और कोमलता से उस परमेश्वर की ओर संकेत करते हैं जो हर आँसू पोंछ देगा।

01 भजन संहिता 34:18

यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है।

02 मत्ती 5:4

“धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शान्ति पाएँगे।

03 यूहन्ना 11:35

यीशु रोया ।

और वह उनकी आँखों से सब आँसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।” (यशा. 25:8)

हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञानी रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों के समान शोक करो जिन्हें आशा नहीं।

06 भजन संहिता 30:5

क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है । कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सवेरे आनन्द पहुँचेगा।

07 यशायाह 53:3

वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दुःखी पुरुष था, रोग से उसकी जान-पहचान थी; और लोग उससे मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हमने उसका मूल्य न जाना। (मर. 9:12)

08 भजन संहिता 31:9

हे यहोवा, मुझ पर दया कर क्योंकि मैं संकट में हूँ; मेरी आँखें वरन् मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं।

09 2 कुरिन्थियों 1:3-4

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों।

10 भजन संहिता 56:8

तू मेरे मारे-मारे फिरने का हिसाब रखता है; तू मेरे आँसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है?

11 यूहन्ना 14:1

“ तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो।

12 यशायाह 61:3

और सिय्योन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बाँध दूँ, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊँ और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊँ; जिससे वे धार्मिकता के बांज वृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएँ और जिससे उसकी महिमा प्रगट हो। (भज. 45:7, 30:11, लूका 6:21)

13 भजन संहिता 147:3

वह खेदित मनवालों को चंगा करता है, और उनके घाव पर मरहम-पट्टी बाँधता है ।

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