विवाह, परिवार और पालन-पोषण के बारे में बाइबल पद

परमेश्वर ने विवाह, परिवार, और बच्चों के पालन-पोषण को ऐसे स्थानों के रूप में रचा जहाँ उसके प्रेम और विश्वासयोग्यता को प्रतिबिम्बित किया जाए। वह पति, पत्नी, माता-पिता, और बच्चों को बुलाता है कि वे प्रभु में एक दूसरे का आदर करें। ये वचन उसकी बुद्धि और अनुग्रह को घर में ले आते हैं।

विवाह — उत्पत्ति 2:24

इस कारण पुरुष अपने माता-पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा और वे एक ही तन बने रहेंगे। (मत्ती 19:5, मर. 10:7,8, इफि. 5:31)

पति और पत्नियाँ — इफिसियों 5:25

हे पतियों, अपनी-अपनी पत्नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम करके अपने आपको उसके लिये दे दिया,

पालन-पोषण — इफिसियों 6:4

और हे पिताओं, अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चेतावनी देते हुए, उनका पालन-पोषण करो। (व्यव. 6:7, नीति. 3:11,12 नीति. 19:18, नीति. 22:6, कुलु. 3:2)

बच्चे — भजन संहिता 127:3

देखो, बच्चे यहोवा के दिए हुए भाग हैं, गर्भ का फल उसकी ओर से प्रतिफल है।

माता-पिता का आदर करना — निर्गमन 20:12

“तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिससे जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसमें तू बहुत दिन तक रहने पाए।

भक्त सन्तान का पालन-पोषण — नीतिवचन 22:6

लड़के को उसी मार्ग की शिक्षा दे जिसमें उसको चलना चाहिये, और वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। (इफि. 6:4)

घर — यहोशू 24:15

और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किसकी सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।”

प्रेम और आदर — इफिसियों 5:33

पर तुम में से हर एक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।

भली स्त्री — नीतिवचन 31:10

भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूँगों से भी बहुत अधिक है।

प्रेम से अनुशासन — नीतिवचन 13:24

जो बेटे पर छड़ी नहीं चलाता वह उसका बैरी है, परन्तु जो उससे प्रेम रखता, वह यत्न से उसको शिक्षा देता है।

परिवार का विश्वास — 2 तीमुथियुस 1:5

और मुझे तेरे उस निष्कपट विश्वास की सुधि आती है, जो पहले तेरी नानी लोइस, और तेरी माता यूनीके में थी, और मुझे निश्चय हुआ है, कि तुझ में भी है।

एक तन — मरकुस 10:8

और वे दोनों एक तन होंगे; इसलिए वे अब दो नहीं, पर एक तन हैं। (उत्प. 2:24)

तीन तागे की डोरी — सभोपदेशक 4:12

यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका सामना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।