पूर्ण परमेश्वर और पूर्ण मनुष्य के बारे में बाइबल पद

पूर्ण परमेश्वर और पूर्ण मनुष्य के बारे में 11 बाइबल पद — पढ़ने, मनन करने और स्मृति में बसाने के लिए।

01 कुलुस्सियों 2:9

क्योंकि उसमें ईश्वरत्व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है।

02 यूहन्ना 1:14

और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हमने उसकी ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। (1 यूह. 4:9)

03 इब्रानियों 2:17

इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिससे वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बंध रखती हैं, एक दयालु और विश्वासयोग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्चित करे।

04 1 तीमुथियुस 2:5

क्योंकि परमेश्वर एक ही है, और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात् मसीह यीशु जो मनुष्य है,

05 इब्रानियों 4:15

क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुःखी न हो सके; वरन् वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तो भी निष्पाप निकला।

06 यूहन्ना 1:1

आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।

07 रोमियों 9:5

पूर्वज भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।

08 तीतुस 2:13

और उस धन्य आशा की अर्थात् अपने महान परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की प्रतीक्षा करते रहें।

09 यूहन्ना 20:28

यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, “हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर!”

10 इब्रानियों 1:8

परन्तु पुत्र के विषय में कहता है, “हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा, तेरे राज्य का राजदण्ड न्याय का राजदण्ड है।

11 फिलिप्पियों 2:6-7

जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन् अपने आपको ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।

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