आत्मिक युद्ध और सुरक्षा के बारे में बाइबल पद

मसीही जीवन एक युद्ध है, परन्तु हम उस विजय से लड़ते हैं जो परमेश्वर के दिए हुए कवच में है। जो तुम में है, वह उससे बड़ा है जो संसार में है। ये वचन आपको प्रभु की सुरक्षा में स्थिर खड़े रहने के लिये दृढ़ करते हैं।

आत्मिक युद्ध — इफिसियों 6:12

क्योंकि हमारा यह मल्लयुद्ध, लहू और माँस से नहीं, परन्तु प्रधानों से और अधिकारियों से, और इस संसार के अंधकार के शासकों से, और उस दुष्टता की आत्मिक सेनाओं से है जो आकाश में हैं।

परमेश्वर के हथियार — इफिसियों 6:11

परमेश्वर के सारे हथियार बाँध लो कि तुम शैतान की युक्तियों के सामने खड़े रह सको।

शरणस्थान — भजन संहिता 46:1

परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक ।

सुरक्षा — भजन संहिता 91:1-2

जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। मैं यहोवा के विषय कहूँगा, “वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, जिस पर मैं भरोसा रखता हूँ”

छुटकारा — भजन संहिता 34:17

धर्मी दुहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उनको सब विपत्तियों से छुड़ाता है।

परमेश्वर हमारी ढाल — भजन संहिता 28:7

यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है; उस पर भरोसा रखने से मेरे मन को सहायता मिली है; इसलिए मेरा हृदय प्रफुल्लित है; और मैं गीत गाकर उसका धन्यवाद करूँगा।

जो हम में है वह बड़ा है — 1 यूहन्ना 4:4

हे प्रिय बालकों, तुम परमेश्वर के हो और उन आत्माओं पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उससे जो संसार में है, बड़ा है।

आत्मा की तलवार — इफिसियों 6:17

और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। (यशा. 49:2, इब्रा. 4:12, यशा. 59:17)

कोई हथियार न चलेगा — यशायाह 54:17

जितने हथियार तेरी हानि के लिये बनाए जाएँ, उनमें से कोई सफल न होगा, और जितने लोग मुद्दई होकर तुझ पर नालिश करें उन सभी से तू जीत जाएगा। यहोवा के दासों का यही भाग होगा, और वे मेरे ही कारण धर्मी ठहरेंगे, यहोवा की यही वाणी है।”

उसके पंखों के नीचे — भजन संहिता 91:4

वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके परों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।

मसीह में विजय — 1 कुरिन्थियों 15:57

परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्त करता है।

विश्वास में दृढ़ — 1 पतरस 5:9

विश्वास में दृढ़ होकर, और यह जानकर उसका सामना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुःख भुगत रहे हैं।