आत्मिक सामर्थ्य के बारे में बाइबल पद

परमेश्वर ने हमें भय की आत्मा नहीं, पर सामर्थ्य, प्रेम और संयम की आत्मा दी है (2 तीमुथियुस 1:7)। ये पद कायरता और घमण्ड दोनों को सुधारते हैं: विश्वासी का बल असली पर उधार लिया हुआ है—मानवीय दुर्बलता में काम करती आत्मा की अपनी सामर्थ्य।

01 2 तीमुथियुस 1:7

क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ्य, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।

02 इफिसियों 3:16

कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ्य पाकर बलवन्त होते जाओ,

परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होंगे।”

04 इफिसियों 6:10

इसलिए प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो ।

05 कुलुस्सियों 1:11

और उसकी महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ्य से बलवन्त होते जाओ, यहाँ तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।

06 1 कुरिन्थियों 2:4-5

और मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभानेवाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ्य का प्रमाण था, इसलिए कि तुम्हारा विश्वास मनुष्यों के ज्ञान पर नहीं, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ्य पर निर्भर हो।

07 रोमियों 15:13

परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।

08 इफिसियों 3:20

अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी विनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ्य के अनुसार जो हम में कार्य करता है,

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